ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर इन दिनों सस्पेंस और क्राइम थ्रिलर फिल्मों की बाढ़ आई हुई है। इसी कड़ी में बॉलीवुड स्टार सैफ अली खान एक बार फिर पुलिस अफसर की वर्दी में स्क्रीन पर लौटे हैं। उनकी नई फिल्म ‘कर्तव्य’ (Kartavya) नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो चुकी है। 1 घंटे 48 मिनट की यह फिल्म एक कॉप ड्रामा और फैमिली ड्रामा का मिश्रण है। लेकिन क्या सैफ अली खान का दमदार अंदाज इस घिसे-पिटे पुलिसिया ढर्रे वाली कहानी को बचा पाया? आइए विस्तार से जानते हैं इस फिल्म के हर पहलू को।

क्या है ‘कर्तव्य’ की कहानी?
फिल्म की कहानी घूमती है पुलिस अधिकारी पवन मलिक (सैफ अली खान) के इर्द-गिर्द। शुरुआत में सब कुछ ठीक चल रहा होता है और पवन मलिक एक पत्रकार को सुरक्षा देते हुए उसके घर छोड़ते हैं। लेकिन कहानी में मोड़ तब आता है जब अचानक उस पत्रकार की हत्या हो जाती है। पवन अभी इस मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने की कोशिश ही कर रहे होते हैं कि उनके निजी जीवन में तूफान आ जाता है।
पवन का छोटा भाई दीपक एक लड़की के साथ घर से भाग जाता है और लापता हो जाता है। अब पवन मलिक के कंधों पर दोहरी जिम्मेदारी है—एक तरफ पत्रकार के कातिल को ढूंढना और दूसरी तरफ अपने भाई को तलाश कर परिवार को बिखरने से बचाना। इस जांच के दौरान उनकी जिंदगी में ‘अनंत श्री’ नाम के एक रहस्यमयी शख्स की एंट्री होती है, जो पवन की मुश्किलों को कई गुना बढ़ा देता है। क्या पवन इन दोनों गुत्थियों को सुलझा पाते हैं? यही फिल्म का मुख्य सस्पेंस है।
स्टार परफॉर्मेंस और निर्देशन – सैफ अली खान ने फिर जीता दिल
अगर इस फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) की बात करें, तो वह है सैफ अली खान का अभिनय। पवन मलिक के किरदार में सैफ बेहद संजीदा और प्रभावशाली नजर आए हैं। एक पुलिस अफसर की कड़कड़ाहट और एक परेशान बड़े भाई की लाचारी, दोनों ही इमोशंस को उन्होंने बखूबी पर्दे पर उतारा है।
फिल्म का प्रोडक्शन डिजाइन और सिनेमैटोग्राफी बेहतरीन है, जो दर्शकों को स्क्रीन से बांधे रखती है। फिल्म की पेसिंग (रफ्तार) भी ठीक-ठाक है और यह बेवजह खिंचती नहीं है, जिससे दर्शक बोर होने से बच जाते हैं।
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कॉप यूनिवर्स और सैफ अली खान का पुराना नाता
बॉलीवुड में इन दिनों कॉप ड्रामा का ट्रेंड जोरों पर है। सैफ अली खान इससे पहले भी ‘सेकरेड गेम्स’ में सरताज सिंह और ‘विक्रम वेधा’ में विक्रम के रूप में पुलिस वाले का यादगार किरदार निभा चुके हैं। यही वजह है कि ‘कर्तव्य’ से दर्शकों को काफी उम्मीदें थीं। हालांकि, ‘कर्तव्य’ का ट्रीटमेंट थोड़ा अलग है, यह एक्शन से ज्यादा एक पुलिस अफसर के मानसिक तनाव और पारिवारिक उलझनों पर ध्यान केंद्रित करती है।
फिल्म की कमजोर कड़ियां – नयापन की भारी कमी
बेहतरीन परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म की स्क्रिप्ट बेहद कमजोर है। अगर आप एक कॉप थ्रिलर के शौकीन हैं, तो इस फिल्म में आपको ऐसा कुछ भी नया नहीं मिलेगा जो आपने पहले न देखा हो।
- प्रेडिक्टेबल स्टोरीलाइन: फिल्म की कहानी कई जगहों पर बहुत पुरानी लगती है। वही पर्सनल लाइफ की उलझनें और वही केस सॉल्व करने का पुराना अंदाज।
- कमजोर ट्विस्ट: थ्रिलर फिल्मों की जान होते हैं उसके ट्विस्ट और टर्न्स, लेकिन ‘कर्तव्य’ के ट्विस्ट दर्शकों को उतना हैरान नहीं कर पाते जितनी उम्मीद की जाती है।
जनता और समीक्षकों की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया और ओटीटी लवर्स के बीच फिल्म को लेकर मिला-जुला रिस्पॉन्स देखने को मिल रहा है। जहां एक तरफ सैफ अली खान के फैंस उनकी एक्टिंग की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं, वहीं क्रिटिक्स का मानना है कि फिल्म की कहानी को और ज्यादा कसा जा सकता था।
क्रिटिक रेटिंग: इस फिल्म को इसकी शानदार प्रोडक्शन क्वालिटी और सैफ के अभिनय के लिए 5 में से 3 स्टार (3/5) दिए जा सकते हैं।
देखें या न देखें?
यदि आप सैफ अली खान के अभिनय के दीवाने हैं और वीकेंड पर एक हल्की-फुल्की क्राइम-फैमिली ड्रामा फिल्म देखना चाहते हैं, तो ‘कर्तव्य’ आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती है। सबसे अच्छी बात यह है कि फिल्म में कोई फूहड़पन या आपत्तिजनक सीन नहीं हैं, इसलिए इसे परिवार के साथ भी देखा जा सकता है। लेकिन अगर आप ‘अंधाधुन’ या ‘दृश्यम’ जैसे किसी बड़े सस्पेंस की उम्मीद कर रहे हैं, तो आपको थोड़ी निराशा हो सकती है।
FAQs: फिल्म ‘कर्तव्य’ से जुड़े कुछ अहम सवाल
1. फिल्म ‘कर्तव्य’ किस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है?
फिल्म ‘कर्तव्य’ वर्तमान में नेटफ्लिक्स (Netflix) पर ऑनलाइन स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध है।
2. ‘कर्तव्य’ फिल्म का रनटाइम (Duration) कितना है?
यह फिल्म लगभग 1 घंटे 48 मिनट लंबी है, जो इसे एक क्रिस्प और शॉर्ट वॉच बनाती है।
3. क्या ‘कर्तव्य’ फिल्म को परिवार के साथ देखा जा सकता है?
जी हां, फिल्म में कोई भी आपत्तिजनक या वल्गर कंटेंट नहीं है, इसलिए इसे परिवार के साथ आराम से देखा जा सकता है।
4. फिल्म में मुख्य खलनायक या सस्पेंस एलिमेंट कौन है?
फिल्म में ‘अनंत श्री’ नाम का एक किरदार है, जो मुख्य पात्र पवन मलिक के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी करता है और कहानी में सस्पेंस लाता है।


