जयपुर: प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के क्रियान्वयन में राजस्थान ने हाल ही में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य सरकार ने एक ही दिन में 9,763 नए आवासों के निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी स्टेट सेक्शनिंग एंड मॉनिटरिंग कमेटी (SSMC) की बैठक में दी गई, जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव द्वारा की गई थी।
इस उपलब्धि के साथ, राजस्थान देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है जिन्होंने एक साथ इतनी बड़ी संख्या में आवास स्वीकृत कराए हैं। पिछले एक साल में, इस योजना के तहत राज्य में अब तक करीब 46,000 आवासों को मंजूरी मिल चुकी है।
राजस्थान को PMAY शहरी 2.0 में बड़ी सफलता मिली। 9,763 नए आवासों को मंजूरी। EWS को ₹2.5 लाख की सब्सिडी। 17 सितंबर की केंद्रीय बैठक के बाद मिलेगा लाभ। पूरी जानकारी!

प्रधानमंत्री आवास योजना किस वर्ग को मिलेगा लाभ?
यह योजना मुख्य रूप से आर्थिक दृष्टि से कमजोर वर्ग (EWS) के लोगों को लाभ पहुँचाने के लिए है।
- पात्रता शर्त: लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थी की वार्षिक आय ₹3 लाख तक होनी चाहिए।
- मकान की शर्त: लाभार्थी के पास अपनी खुद की जमीन होनी चाहिए या उस जमीन पर कच्चा मकान होना चाहिए, जिस पर वह नया मकान बनाना चाहता है।
सब्सिडी का पूरा विवरण: ₹2.5 लाख की वित्तीय सहायता
लाभार्थी को खुद की भूमि पर नया मकान बनाने के लिए कुल ₹2.5 लाख की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। यह राशि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा वहन की जाती है:
- केंद्र सरकार का योगदान: ₹1.5 लाख
- राज्य सरकार का योगदान: ₹1 लाख
- कुल सब्सिडी: ₹2.5 लाख
इस नई मंजूरी से 9,000 से अधिक परिवारों को लगभग ₹44 करोड़ की आर्थिक सहायता वितरित की जाएगी।
मकान का मापदंड और निर्माण प्रक्रिया
सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि लाभार्थियों को एक बुनियादी, मजबूत आवास मिल सके।
- न्यूनतम निर्माण: लाभार्थी को अपने मकान में न्यूनतम दो कमरे बनाना अनिवार्य है।
- सुविधाएं: आवास में शौचालय (लेट), स्नानघर (बाथ) और रसोई (किचन) का निर्माण भी आवश्यक है।
- क्षेत्रफल: निर्माण का क्षेत्रफल 325 वर्ग फुट से लेकर 450 वर्ग फुट तक का हो सकता है।
सब्सिडी वितरण की 4 किश्तें (Installments)
यह वित्तीय सहायता लाभार्थियों को निर्माण कार्य की प्रगति के आधार पर चार किश्तों में वितरित की जाती है, ताकि राशि का दुरुपयोग न हो और समय पर निर्माण पूरा हो सके:
- पहली किश्त (₹50,000): आवास स्वीकृत होने के तुरंत बाद।
- दूसरी किश्त (₹50,000): जब मकान का निर्माण प्लिंथ लेवल (नींव) तक पहुँच जाता है।
- तीसरी किश्त (₹1,00,000): जब मकान का निर्माण लिंटर लेवल (छत डालने से ठीक पहले) तक पहुँच जाता है। यह सबसे बड़ी किश्त होती है, जिससे लाभार्थी छत डाल सकें।
- चौथी किश्त (₹50,000): जब मकान का पूरा निर्माण हो जाता है।
अगला कदम: 17 सितंबर की केंद्रीय बैठक
राज्य समिति (SSMC) से मंजूरी मिलने के बाद, अब इस प्रस्ताव को 17 सितंबर को होने वाली सेंट्रल सेक्शनिंग एंड मॉनिटरिंग कमेटी (CSMC) की बैठक में विचार के लिए रखा जाएगा। केंद्रीय समिति से हरी झंडी मिलने के बाद, राजस्थान में इन 9,763 परिवारों को जल्द ही सब्सिडी की राशि वितरित करना शुरू कर दिया जाएगा।
सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) – प्रधानमंत्री आवास योजना
| प्रश्न (Question) | उत्तर (Answer) |
| प्रश्न: PMAY शहरी 2.0 में राजस्थान में कितनी सब्सिडी मिलती है? | उत्तर: कुल ₹2.5 लाख, जिसमें ₹1.5 लाख केंद्र सरकार और ₹1 लाख राज्य सरकार देती है। |
| प्रश्न: इस योजना का लाभ कौन ले सकता है? | उत्तर: आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लोग, जिनकी वार्षिक आय ₹3 लाख तक है और जिनके पास अपनी ज़मीन है। |
| प्रश्न: सब्सिडी कितने किश्तों में मिलती है? | उत्तर: सब्सिडी की राशि निर्माण की प्रगति के आधार पर चार किश्तों (₹50k, ₹50k, ₹1L, ₹50k) में दी जाती है। |
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