प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G)

H K Singh
6 Min Read
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G)

भारत सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G)) का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बेघर और कच्चे घरों में रहने वाले परिवारों को बुनियादी सुविधाओं के साथ पक्का घर उपलब्ध कराना है। इस योजना ने पूर्ववर्ती ‘इन्दिरा आवास योजना’ को बदल दिया है।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G)

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की मुख्य बातें

प्रधानमंत्री आवास योजना के दो प्रमुख भाग हैं: शहरी (Urban) और ग्रामीण (Gramin)। ग्रामीण विकास परीक्षाओं के दृष्टिकोण से PMAY-G बहुत महत्वपूर्ण है।

विवरणजानकारी
शुभारंभ तिथि1 अप्रैल 2016
प्रशासकग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार
लक्ष्य2024 तक सभी पात्र परिवारों को पक्का आवास (Housing for All)
कुल आवास लक्ष्य2.95 करोड़ (दो चरणों में)

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के मुख्य उद्देश्य और विशेषताएं

  • पक्का मकान: ग्रामीण बेघर परिवारों को पक्का मकान देना।
  • बुनियादी सुविधाएं: मकान के साथ स्वच्छ रसोईघर और शौचालय का निर्माण अनिवार्य है।
  • स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ाव: शौचालय निर्माण के लिए अतिरिक्त ₹12,000 की सहायता दी जाती है।
  • न्यूनतम आकार: आवास का न्यूनतम क्षेत्रफल 25 वर्ग मीटर (रसोईघर सहित) तय किया गया है।

वित्तीय सहायता और हिस्सेदारी (Financial Assistance)

लाभार्थियों को मिलने वाली राशि क्षेत्र के आधार पर भिन्न होती है:

  • मैदानी क्षेत्र: ₹1,20,000 प्रति आवास।
  • पर्वतीय/दुर्गम क्षेत्र (जैसे बस्तर, सरगुजा): ₹1,30,000 प्रति आवास।

केंद्र और राज्य की हिस्सेदारी:

  • सामान्य राज्य: 60:40 का अनुपात (60% केंद्र, 40% राज्य)।
  • पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्य: 90:10 का अनुपात।
  • केंद्र शासित प्रदेश: 100% केंद्र सरकार द्वारा।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) पात्रता और चयन प्रक्रिया (Eligibility & Selection)

लाभार्थियों का चयन SECC 2011 (सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना 2011) के आंकड़ों पर होता है। इसकी अंतिम पुष्टि और सत्यापन ग्राम सभा करती है।

किसे मिलता है प्राथमिकता?

  • बेघर परिवार या 0, 1 या 2 कमरे वाले कच्चे मकान में रहने वाले।
  • महिला मुखिया वाले परिवार जिनमें 16-59 वर्ष का कोई वयस्क पुरुष सदस्य न हो।
  • दिव्यांग सदस्य वाले परिवार।
  • भूमिहीन दिहाड़ी मजदूर।

योजना का इतिहास: इन्दिरा आवास योजना से PMAY-G तक

  • 1985: इन्दिरा आवास योजना (IAY) की शुरुआत एक उप-योजना के रूप में हुई।
  • 1996: IAY को एक स्वतंत्र योजना बनाया गया।
  • 2016: योजना का पुनर्गठन कर ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’ नाम दिया गया।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के लिए आवेदन

ग्रामीण क्षेत्रों में आप खुद से ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते। इसका चयन सरकार द्वारा किया जाता है।

  • चयन का आधार: सरकार SECC-2011 (जनगणना) के आंकड़ों के आधार पर पात्र लोगों की एक सूची तैयार करती है।
  • पंजीकरण (Registration): यदि आपका नाम इस सूची में है, तो क्षेत्रीय पंचायत सचिव या रोजगार सहायक आपका विवरण PMAY-G के पोर्टल पर दर्ज करता है।
  • सत्यापन (Verification): पंजीकरण के बाद ‘ग्राम सभा’ सूची का सत्यापन करती है कि व्यक्ति वास्तव में गरीब है या नहीं।
  • जियो-टैगिंग: इसके बाद आपके वर्तमान कच्चे घर की फोटो खींची जाती है (Geotagging), जिसके बाद पैसा सीधे आपके बैंक खाते में किश्तों में आता है।
  • शिकायत/पूछताछ: अगर आप पात्र हैं लेकिन नाम सूची में नहीं है, तो आप अपने जनपद पंचायत (Block Office) में विकास खंड अधिकारी (BDO) से संपर्क कर सकते हैं।

PMAY-G (ग्रामीण) लिस्ट में नाम कैसे देखें?

ग्रामीण लिस्ट चेक करने के लिए आपको आधिकारिक पोर्टल PMAYG.nic.in पर जाना होगा।

  • Step 1: सबसे पहले [संदिग्ध लिंक हटा दिया गया] पर जाएँ।
  • Step 2: ऊपर के मेनू में ‘Awaassoft’ विकल्प पर क्लिक करें और फिर ‘Report’ को चुनें।
  • Step 3: अब एक नया पेज खुलेगा। यहाँ सबसे नीचे ‘Social Audit Reports’ सेक्शन में जाकर ‘Beneficiary details for verification’ पर क्लिक करें।
  • Step 4: अब अपना राज्य (State), जिला (District), ब्लॉक (Block) और अपनी ग्राम पंचायत चुनें।
  • Step 5: योजना का नाम (Pradhan Mantri Awas Yojana Gramin) और वर्ष (जैसे 2024-25) चुनें।
  • Step 6: कैप्चा कोड (गणित का सवाल) हल करें और ‘Submit’ पर क्लिक करें।
  • Step 7: आपके सामने पूरी लिस्ट खुल जाएगी। आप इसे PDF के रूप में डाउनलोड भी कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) कब शुरू हुई?

उत्तर: अधिकारिक तौर पर इसकी शुरुआत 1 अप्रैल 2016 को हुई।

Q2. PMAY-G के तहत कितनी राशि मिलती है?

उत्तर: मैदानी इलाकों में 1.20 लाख और पहाड़ी/कठिन क्षेत्रों में 1.30 लाख रुपये।

Q3. क्या शौचालय के लिए अलग से पैसे मिलते हैं?

उत्तर: हाँ, स्वच्छ भारत मिशन के तालमेल से ₹12,000 की अतिरिक्त सहायता दी जाती है।

Q4. लाभार्थियों का चयन किस आधार पर होता है?

उत्तर: SECC 2011 के आंकड़ों और ग्राम सभा के सत्यापन के आधार पर।

अधिक जानकारी के लिए बने रहें
www.bharatkhabarlive.com

Share This Article
Follow:
I am a news blogger, app developer, digital marketer and content creator. I am passionate about analyzing news, building useful apps, promoting brands online and creating engaging content.
1 Comment