संजू सैमसन के बहाने रवि शास्त्री का टीम मैनेजमेंट पर करारा प्रहार

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By H K Singh

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भारतीय क्रिकेट के पूर्व कोच और प्रमुख कमेंटेटर रवि शास्त्री ने हाल ही में ऑन-एयर कुछ ऐसा कहा जो बीसीसीआई के अंदर हलचल मचा रहा है। शास्त्री का बयान केवल एक टिप्पणी नहीं है; यह भारतीय टीम प्रबंधन की चयन प्रक्रिया पर एक जोरदार हमला है।

संजू सैमसन, जो अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और प्रभाव के लिए जाने जाते हैं, एक बार फिर चर्चा का विषय बने हैं। लेकिन इस बार बात उनके खेल से ज्यादा उनके साथ हो रहे व्यवहार पर है।

संजू सैमसन

“जब वह ऐसी बल्लेबाजी करता है, तो आप सोचते हैं कि वह पहले से टीम में क्यों नहीं है?”

अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग करते हुए संजू ने मात्र 22 गेंदों में 37 रन बनाए। स्कोरकार्ड शायद छोटा लगे, लेकिन शास्त्री ने उनके ‘इंटेंट’ और ‘अथॉरिटी‘ की तारीफ की। शास्त्री ने तीखा सवाल पूछते हुए कहा:

“Why should it be an injury that brings him in?” (उन्हें टीम में आने के लिए किसी के चोटिल होने का इंतज़ार क्यों करना पड़ता है?)

क्या संजू सैमसन सिर्फ एक ‘इंजरी बैकअप’ हैं?

जब नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शुभमन गिल चोटिल हुए, तब संजू को मौका मिला। सवाल यह है कि अगर गिल फिट होते, तो क्या लगातार तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक लगाने वाला खिलाड़ी बेंच पर बैठा होता?

संजू सैमसन vs शुभमन गिल: टी20 का असली किंग कौन?

संजू सैमसन का रिकॉर्ड उनकी कहानी खुद बयां करता है:

  • बैक-टू-बैक शतक: बांग्लादेश और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लगातार दो टी20 शतक हैं। वह ऐसा करने वाले पहले भारतीय हैं।
  • नेचुरल ओपनर: शास्त्री के अनुसार, संजू एक ‘नेचुरल टॉप ऑर्डर’ खिलाड़ी हैं। हालांकि, उन्हें फिनिशर बनाने की कोशिश की जा रही है।
  • स्ट्राइक रेट का अंतर: जबकि शुभमन गिल का टी20 स्ट्राइक रेट अक्सर सवाल उठाता है, संजू पहली गेंद से प्रहार करने की क्षमता रखते हैं।

सिस्टम का फेलियर या ‘मुंबई लॉबी’ का असर?

सोशल मीडिया पर अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या संजू के पास वह “PR मशीन” नहीं है जो अन्य खिलाड़ियों के पास है। संजू एक ‘साइलेंट वॉरियर’ हैं। 2019 वर्ल्ड कप से लेकर अब तक, जब भी उनका मोमेंटम बढ़ता है, उन्हें टीम से बाहर कर दिया जाता है

गौतम गंभीर भी कह चुके हैं कि संजू का टीम में न होना टीम इंडिया के लिए नुकसानदायक है। लेकिन क्या वर्तमान प्रबंधन इस ‘सिस्टम फेलियर’ को सुधारने का इरादा रखता है?

शास्त्री ने संजू को क्यों कहा ‘खतरनाक’?

रवि शास्त्री ने संजू के लिए ‘Dangerous’ शब्द का इस्तेमाल किया। टी20 क्रिकेट आंकड़ों का नहीं, बल्कि प्रभाव का खेल है। जब संजू खेलते हैं, तो वे विपक्षी गेंदबाज की लेंथ बिगाड़ देते हैं।

टैलेंट को बेंच पर बिठाकर वर्ल्ड कप नहीं जीते जाते

संजू सैमसन को सहानुभूति नहीं, बल्कि सम्मान और स्पष्ट भूमिका चाहिए। अगर बैक-टू-बैक शतक और मैच जिताऊ पारियां भी पर्याप्त नहीं हैं, तो समस्या संजू की तकनीक में नहीं, बल्कि चयनकर्ताओं की नीयत में है। जैसा कि शास्त्री ने संकेत दिया, अगर आज सुधार नहीं हुआ, तो इतिहास कहेगा कि भारत ने एक बेशकीमती टैलेंट को सिस्टम की भेंट चढ़ा दिया।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. संजू सैमसन ने टी20 इंटरनेशनल में कितने शतक लगाए हैं?

संजू सैमसन ने अब तक टी20 इंटरनेशनल में 3 शतक लगाए हैं, जिसमें बांग्लादेश और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लगातार दो शतक शामिल हैं।

Q2. रवि शास्त्री ने संजू सैमसन के बारे में क्या कहा?

शास्त्री ने सवाल उठाया कि संजू को टीम में आने के लिए किसी खिलाड़ी के चोटिल होने का इंतज़ार क्यों करना पड़ता है, जबकि वह एक नेचुरल टॉप ऑर्डर बैटर हैं।

Q3. क्या संजू सैमसन 2026 टी20 वर्ल्ड कप की रेस में हैं?

उनके हालिया प्रदर्शन को देखते हुए वह प्रबल दावेदार हैं, लेकिन टीम मैनेजमेंट की चयन नीति अभी भी स्पष्ट नहीं है।

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