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गेहूं की बुवाई का सही समय: पैदावार को 40% तक कैसे बढ़ाएँ? (गोल्डन पीरियड, अगेती/पछेती के नुकसान)

H K SINGH
7 Min Read
गेहूं की बुवाई का सही समय

नमस्ते किसान भाइयों!

क्या आप जानते हैं कि गेहूं की बुवाई के लिए सिर्फ 20 दिन का एक ऐसा गोल्डन पीरियड होता है, जो आपकी पूरी फसल की किस्मत तय कर देता है? अगर आप बुवाई में थोड़ी भी गलती करते हैं, तो आपकी 30 से 40% तक पैदावार कम हो सकती है।

यह लेख आपको गेहूं की बुवाई का सही समय (Gehu ki buwai ka sahi samay) A से Z तक पूरी जानकारी देगा, ताकि आप बुवाई के मास्टर बन सकें और बंपर मुनाफा कमा सकें।


 

1. गेहूं की बुवाई का समय क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

गेहूं की बुवाई का सही समय
गेहूं की बुवाई का सही समय

गेहूं एक रबी सीजन की फसल है, जिसे उगने (जर्मिनेशन) और कल्ले फूटने (टिलरिंग) के लिए ठंडा मौसम चाहिए।

  • जल्दी बुवाई (अगेती): अगर आप जल्दी बोते हैं, तो जमीन और हवा गर्म होने के कारण बीज ठीक से उगता नहीं है। पौधा गर्मी के तनाव (Heat Stress) में आ जाता है, कल्ले कम बनते हैं और फसल कमजोर रह जाती है।
  • देर से बुवाई (पछेती): अगर आप बहुत ज्यादा देर से बुवाई करते हैं, तो फसल पकने और दाना भरने के समय अचानक गर्मी (Terminal Heat) शुरू हो जाती है। इससे दाना पिचक जाता है, पतला रह जाता है, और सारा मुनाफा मिट्टी में मिल जाता है।

हमें एक ऐसा संतुलन (Balance) वक्त चाहिए जब न ज्यादा गर्मी हो और न ही फसल पकते समय लू (Heat Wave) का खतरा हो।

 

2. ❌ अगेती गेहूं की बुवाई के भयंकर नुकसान (25 अक्टूबर से पहले)

 

कुछ किसान 15 से 25 अक्टूबर के बीच गेहूं बोने की जल्दी करते हैं, लेकिन यह एक बड़ा जोखिम है।

  • खराब अंकुरण (Poor Germination): अक्टूबर में तापमान 30-32C से ऊपर रहता है। इस गर्मी में बीज सड़ जाता है या उगता ही नहीं है।
  • कल्लों में भारी कमी (Reduced Tillering): उगने वाले पौधे भी गर्मी के कारण कल्ले नहीं फोड़ते। जितने कम कल्ले, उतनी कम बालियाँ और कम पैदावार।
  • बीमारियों और कीटों का हमला: अगेती फसल पर दीमक (Termite) और माहू (Aphids) जैसे रस चूसक कीटों का हमला बहुत ज्यादा होता है।
  • समय से पहले बालियां: गर्मी के शॉक में पौधा जल्दी बालियां निकाल सकता है, जो छोटी, कमजोर और दानों से खाली रह जाती हैं।

💡 सलाह: 25 अक्टूबर से पहले गेहूं बुवाई का जोखिम बिल्कुल न लें, जब तक कि आप विशेष अगेती किस्मों का उपयोग न कर रहे हों।

 

3. ✅ गेहूं की बुवाई का गोल्डन पीरियड (सबसे सही समय)

 

किसान भाइयों, गेहूं की बुवाई का सही समय और गोल्डन टाइम है:

1 नवंबर से लेकर 20 नवंबर तक

यह 20 दिन का समय सबसे बेहतरीन क्यों है?

कारणफायदा
आदर्श तापमानरातें ठंडी और दिन का तापमान 25-28 C जो अंकुरण के लिए सर्वोत्तम है।
जबरदस्त कल्ले फूटनाबुवाई के 20-25 दिन बाद दिसंबर की कड़क ठंड शुरू हो जाती है। पौधा पूरी ताकत कल्ले बनाने में लगाता है, जिससे 10 से 15 कल्ले तक निकलते हैं।
मजबूत जड़ेंठंडे मौसम में जड़ें गहराई तक जाती हैं, जिससे पौधा मजबूत बनता है।
भरपूर दाना भरावदाना भरने का समय (फरवरी-मार्च) हल्के ठंडे मौसम में आता है, जिससे दाना मोटा, चमकदार और वजनदार होता है।

 

4. गेहूं की बुवाई के समय ध्यान रखने योग्य सात महामंत्र

 

अगर आप इस गोल्डन पीरियड में बुवाई कर रहे हैं, तो इन 7 बातों का ध्यान ज़रूर रखें:

  1. खेत की तैयारी: खेत में भरपूर नमी (पलेवा) हो। जुताई करके जमीन को भुरभुरा और समतल (लेजर लेवलिंग) कर लें।
  2. किस्म का चुनाव: अपने इलाके के लिए प्रमाणित (Certified) और सही समय पर बोई जाने वाली किस्म का ही चुनाव करें।
  3. बीज की मात्रा: सही समय पर बुवाई के लिए 40 किलो प्रति एकड़ बीज पर्याप्त होता है।
  4. बीज उपचार (Seed Treatment): यह सबसे ज़रूरी है! बुवाई से पहले बीज को फफूंद नाशक (जैसे: कार्बेंडाजिम + मैकोजेब) और दीमक नाशक (जैसे: क्लोरपाइरीफॉस) से ज़रूर उपचारित करें।
  5. उर्वरक (Fertilizer): बुवाई के समय बेसल डोज़ में डीएपी, पोटाश (MOP) और सल्फर का इस्तेमाल ज़रूर करें।
  6. बुवाई की गहराई: बीज को 4 से 5 सेंटीमीटर (लगभग 2 इंच) से ज्यादा गहरा न बोएं।
  7. गेहूं की बुवाई की विधि: कोशिश करें कि बुवाई सीड ड्रिल या जीरो टिल हैप्पी सीडर मशीन से करें। इससे बीज और खाद सही गहराई पर गिरते हैं।

 

5. पछेती गेहूं की बुवाई मजबूरी है तो क्या करें? (25 नवंबर के बाद)

 

धान, गन्ना या आलू की कटाई में देरी के कारण अगर आप 25 नवंबर के बाद बुवाई कर रहे हैं, तो इन उपायों से नुकसान को कम कर सकते हैं:

  • सिर्फ पछेती किस्में बोएं: बाजार से केवल वही किस्में खरीदें जो खासतौर पर पछेती बुवाई (Late Sown Varieties) के लिए अनुशंसित (Recommended) हों। ([एक्सटर्नल लिंक: सरकारी कृषि वेबसाइट])
  • बीज की मात्रा बढ़ा दें: कल्ले कम बनेंगे, इसलिए पौधों की संख्या (Plant Population) बढ़ाने के लिए बीज की मात्रा 50 से 55किलो प्रति एकड़ कर दें।
  • खाद प्रबंधन: नाइट्रोजन (यूरिया) की पहली किश्त पहले पानी पर जल्दी दें ताकि पौधे को तेजी से बढ़वार मिल सके।
  • जीरो टिल मशीन: पछेती बुवाई में जीरो टिल मशीन सबसे कामयाब है क्योंकि यह समय बचाती है और खेत को तुरंत बुवाई के लिए तैयार करती है।

 

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

 

Q1. गेहूं की अगेती बुवाई कब करनी चाहिए?

जवाब: हमारी सलाह है कि आप 25 अक्टूबर से पहले गेहूं की अगेती बुवाई बिल्कुल न करें। अगर मजबूरी है तो केवल अगेती बुवाई के लिए बनी किस्मों का ही उपयोग करें।

Q2. गेहूं बोने की आखिरी तारीख क्या है?

जवाब: पैदावार में बड़े नुकसान से बचने के लिए गेहूं बोने की आखिरी तारीख लगभग 15 दिसंबर है। इसके बाद बुवाई करने पर टर्मिनल हीट से पैदावार में बहुत बड़ी गिरावट आती है।

Q3. पछेती बुवाई में कितना बीज डालना चाहिए?

जवाब: पछेती बुवाई में कल्लों की संख्या कम होने के कारण, आपको बीज की मात्रा 50से 55 किलो प्रति एकड़ तक बढ़ानी चाहिए।

 

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H K Singh एक युवा डिजिटल पत्रकार और कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें सरकारी योजनाएँ (रोजगार योजनाएँ, छात्रवृत्ति आदि),शिक्षा से जुड़ी खबरें (एग्जाम, रिजल्ट, एडमिशन अपडेट),ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री (नई गाड़ियाँ, बाइक, इलेक्ट्रिक स्कूटर, रिव्यू) और देश-दुनिया की ताज़ा खबरेंसे जुड़ी खबरों पर गहन अनुभव है। पिछले 5 वर्षों से ये ऑनलाइन मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए काम कर रहे हैं और पाठकों तक भरोसेमंद और तथ्यात्मक जानकारी पहुँचाना इनका मुख्य उद्देश्य है।H K Singh ललित नारायण मिथिला विश्वविधालय से B.COM की पढाई पूरा किया है और साथ में ऐप डेवलपर, डिजिटल मार्केटर और कंटेंट क्रिएटर का भी कोर्स पूरा किया। अभी WWW.BHARATKHABARLIVE.COM के मालिक है।
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