शार्क टैंक इंडिया में अपने बिंदास अंदाज़ और तीखी समझ के लिए मशहूर Aman Guptaआज एक जाना-माना चेहरा हैं। उनके द्वारा स्थापित कंपनी बोट (Boat) ने भारतीय ऑडियो मार्केट में क्रांति ला दी है। लेकिन, करोड़ों की यह कंपनी एक बैकबेंचर और एक ऐसे उद्यमी के जुनून का नतीजा है, जिसने जीवन में पांच बार नाकामियां देखीं। एक हालिया इंटरव्यू में, Aman Gupta ने अपनी जिंदगी के कई अनसुने पहलू साझा किए, जिनसे पता चलता है कि उनकी सफलता की कहानी सिर्फ किस्मत नहीं, बल्कि कड़ी मेहनत, असफलता और एक मजबूत पार्टनरशिप की कहानी है।
आइए, जानते हैं उनके संघर्ष, उनकी प्रेरक कहानियों और बोट के पीछे के इंसान के बारे में।
‘बैकबेंचर’ होने का फायदा: जब हारने के लिए कुछ नहीं था

अमन गुप्ता का मानना है कि जो लोग हमेशा फर्स्ट आते हैं, उन पर अच्छा परफॉर्म करने का सबसे ज्यादा दबाव होता है। वहीं, उन जैसे ‘बैकबेंचर’ के पास खोने के लिए कुछ नहीं होता। वे कहते हैं, “हमें पता था कि हमने पढ़ाई अच्छी नहीं की, अच्छी नौकरी भी नहीं लगेगी, तो हमें कुछ तो फोड़ना पड़ेगा।” यही सोच उनके अंदर एक अलग तरह की प्रेरणा जगाती है। यह मानसिकता उन्हें जोखिम लेने और असफलताओं से न डरने का हौसला देती थी, क्योंकि उनके पास हारने के लिए कुछ बचा ही नहीं था।
Aman Gupta के जीवन में पत्नी प्रिया का योगदान
Aman Gupta की सफलता के पीछे उनकी पत्नी प्रिया डागर का बहुत बड़ा हाथ है। उनकी कहानी किसी फिल्मी लव स्टोरी से कम नहीं है। अमन ने बताया कि जब प्रिया ने उनसे ब्रेकअप किया और ट्रेन से पुणे जा रही थीं, तो वे बिना टिकट के उस ट्रेन में चढ़ गए ताकि उनसे बात कर सकें। यह घटना दर्शाती है कि अमन अपनी चाहतों को पाने के लिए किस हद तक जा सकते हैं।
प्रिया ने उनके उद्यमी सफर में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जब वे 29 साल के थे, तो प्रिया ने उन्हें एमबीए करने के लिए प्रेरित किया। इतना ही नहीं, जब उनके पास मार्केटिंग एजेंसी को देने के लिए पैसे नहीं थे, तो प्रिया ने उन्हें यूट्यूब से डिजिटल मार्केटिंग सीखने की सलाह दी। आज अमन उन्हें अपनी कंपनी की ‘अनऑफिशियल बोर्ड मेंबर’ मानते हैं। शुरुआती दिनों में जब अमन की सास उन्हें ‘निकम्मा दामाद’ कहती थीं, अब वही उन पर गर्व करती हैं और हर जगह उनकी तारीफ करती हैं।
पांच नाकामियों से सीखा उद्यम का सबक
आज लोग Aman Gupta की सफलता के बारे में बात करते हैं, लेकिन उनके पांच नाकाम स्टार्टअप्स के बारे में बहुत कम लोगों को पता है। अमन कहते हैं कि उन्हें अपनी इन असफलताओं से बहुत कुछ सीखने को मिला। उन्होंने महसूस किया कि एक शानदार ऑफिस पर पैसा खर्च करने के बजाय प्रोडक्ट पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। उन्होंने यह भी सीखा कि जुनून और आत्मविश्वास में फर्क होता है।
अमन ने एक स्टार्टअप की पिच के दौरान खुद को उस उद्यमी में देखा जिसने बहुत नुकसान उठाया था। उन्होंने उस उद्यमी को नौकरी करने और फिर से शुरुआत करने की सलाह दी। उनका मानना है कि आपको पांच सफलताएं नहीं, बल्कि सिर्फ एक सफलता चाहिए। और उस एक सफलता के लिए, आपको गिरकर भी उठना आना चाहिए।
शार्क टैंक इंडिया ने कैसे बदली किस्मत?
Aman Gupta मानते हैं कि शार्क टैंक इंडिया ने न सिर्फ उनके पर्सनल ब्रांड को बल्कि बोट को भी बहुत बड़ा फायदा पहुंचाया। वे कहते हैं कि शार्क टैंक एक बेहतरीन मंच है, जो उद्यमियों को फ्री मार्केटिंग और सलाह देता है। इस शो से लोग यह जान पाए कि बोट के पीछे Aman Gupta जैसा एक इंसान है, जिसने मेहनत से सब कुछ हासिल किया है। इस शो ने देश में उद्यमिता को एक पहचान दी और लोगों को ‘बिजनेसमैन’ से ‘एंटरप्रेन्योर’ बनने का गौरव दिया।
‘आप डाउन हो सकते हैं, लेकिन आउट नहीं’
अमन का सबसे बड़ा सबक यह है कि जीवन में आप ‘डाउन’ हो सकते हैं, लेकिन ‘आउट’ नहीं। वे कहते हैं कि “जब तक आप आउट नहीं हो जाते, आप आखिरी बॉल पर भी छक्का मारकर जीत सकते हैं।” उनका मानना है कि वे कोई ‘सुपर इंटेलिजेंट’ व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि एक ‘हस्लर’ (संघर्ष करने वाला) हैं। उनकी कहानी यही सिखाती है कि चाहे आप कितने भी गिरें, आपको फिर से उठकर खड़े होना है और तब तक लड़ना है जब तक आप जीत नहीं जाते।
FAQ’s (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1: Aman Gupta कौन हैं?
A1: Aman Gupta भारत के सबसे लोकप्रिय उद्यमियों में से एक हैं। वह ऑडियो प्रोडक्ट कंपनी बोट के सह-संस्थापक और शार्क टैंक इंडिया के जज हैं।
Q2: Aman Gupta की पत्नी का क्या नाम है?
A2: Aman Gupta की पत्नी का नाम प्रिया डागर है, जिन्होंने उनके करियर में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
Q3: बोट (Boat) कंपनी की शुरुआत कब हुई?
A3: बोट कंपनी की शुरुआत Aman Gupta ने 2016 में समीर मेहता के साथ मिलकर की थी।
Q4: Aman Gupta ने बोट से पहले कितने स्टार्टअप शुरू किए थे?
A4: Aman Gupta ने बोट से पहले पांच स्टार्टअप्स में असफलता का सामना किया था।
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