साल 2026 की शुरुआत सिनेमा प्रेमियों के लिए एक शानदार तोहफे की तरह है। नए साल के पहले दिन रिलीज हुई फिल्म ‘Ikkis‘ ने साबित कर दिया है कि एक बेहतरीन फिल्म सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि एक गहरा एहसास भी होती है। यह फिल्म1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के नायक, परमवीर चक्र विजेता सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की वीरता की सच्ची कहानी को बयां करती है।

कहानी: कर्तव्य और बलिदान का संगम
फिल्म ‘Ikkis’ सिर्फ टैंकों और गोलियों की कहानी नहीं है, बल्कि यह एक Ikkis साल के उस युवा की यात्रा है जिसने अपने देश के लिए अपनी व्यक्तिगत खुशियों को छोड़ दिया। यह फिल्म यह दिखाती है कि युद्ध केवल मैदान में नहीं लड़ा जाता, बल्कि इसके पीछे परिवार और यादों की कीमत भी चुकानी पड़ती है। श्रीराम राघवन का निर्देशन इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने बिना किसी “कमर्शियल मसाला” के, खामोशी और जज्बात के माध्यम से कहानी को पर्दे पर जीवंत किया है।
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शानदार अभिनय: अगस्त्य नंदा और धर्मेंद्र का जादू
- अगस्त्य नंदा: ‘द आर्चीज’ के बाद अगस्त्य ने अरुण खेत्रपाल के रूप में जबरदस्त सुधार दिखाया है। उनकी एक्टिंग में एक युवा ऑफिसर की ईमानदारी और अनुशासन साफ झलकता है।
- धर्मेंद्र: फिल्म का असली दिल धरम पाजी हैं। उन्होंने अरुण खेत्रपाल के पिता, ब्रिगेडियर एम.एल. खेत्रपाल का किरदार निभाया है। एक फौजी पिता का गर्व और बेटे को खोने का दर्द उन्होंने बखूबी जिया है।
- जयदीप अहलावत: एक पाकिस्तानी ऑफिसर के रूप में जयदीप ने फिर साबित किया है कि वो हर सीन में जान फूंक सकते हैं।
फिल्म के मुख्य आकर्षण (High Points)
- रियलिस्टिक वॉर सीन्स: फिल्म में युद्ध को बढ़ा-चढ़ाकर नहीं दिखाया गया है, बल्कि इसे बहुत ही वास्तविक (Grounded) रखा गया है।
- इमोशनल क्लाइमेक्स: आखिरी 20 मिनट दर्शकों को सुन्न कर देते हैं। थिएटर में छाई खामोशी फिल्म की सफलता की गवाही देती है।
- पार्टीशन का दर्द: फिल्म में एक सीन है जहां धर्मेंद्र पाकिस्तान में अपना पुराना घर देखने जाते हैं, जो पूरी फिल्म का सबसे भावुक पल है।
अभिनय और निर्देशन: फिल्म की असली ताकत
- श्रीराम राघवन का निर्देशन: राघवन ने साबित कर दिया है कि वह थ्रिलर के साथ-साथ इमोशनल ड्रामा के भी उस्ताद हैं। उन्होंने डायलॉग्स से ज्यादा खामोशी और इमोशन्स पर भरोसा किया है।
- धर्मेंद्र (ब्रिगेडियर एम.एल. खेत्रपाल): फिल्म का असली ‘हार्ट’ धरम पाजी हैं। एक फौजी पिता का गर्व और बेटे को खोने का दर्द उनकी आंखों में साफ दिखता है। यह उनकी अंतिम शानदार परफॉर्मेंस में से एक है।
- अगस्त्य नंदा (अरुण खेत्रपाल): ‘द आर्चीज’ के बाद अगस्त्य ने इस रोल में अपनी पूरी ताकत लगा दी है। उन्होंने एक 21 साल के ऑफिसर की ट्रेनिंग, अनुशासन और इंटेंसिटी को बखूबी पकड़ा है।
- जयदीप अहलावत: पाकिस्तानी ऑफिसर के रूप में जयदीप हर फ्रेम में अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराते हैं।
Ikkis movie review
| फिल्म का नाम | Ikkis (इक्कीस) |
| निर्देशक | श्रीराम राघवन |
| मुख्य कलाकार | अगस्त्य नंदा, धर्मेंद्र, जयदीप अहलावत, सिमर भाटिया |
| शैली | वॉर/बायोपिक/ड्रामा |
| रिलीज डेट | 1 जनवरी 2026 |
निष्कर्ष: क्या आपको यह फिल्म देखनी चाहिए?
अगर आप शोर-शराबे वाली देशभक्ति फिल्मों से हटकर एक ऐसी फिल्म देखना चाहते हैं जो सीधे आपके दिल को छुए, तो ‘Ikkis’ बेस्ट चॉइस है। नए साल के वीकेंड पर परिवार के साथ देखने के लिए यह एक परफेक्ट मूवी है। यह फिल्म हमें याद दिलाती है कि हमारी आजादी की कीमत क्या है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. क्या ’21’ एक सच्ची कहानी पर आधारित है?
हाँ, यह फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की रियल लाइफ स्टोरी पर आधारित है।
2. फिल्म ’21’ के डायरेक्टर कौन हैं?
इस फिल्म का निर्देशन ‘अंधाधुन’ और ‘बदलापुर’ फेम श्रीराम राघवन ने किया है।
3. क्या यह फिल्म बच्चों के साथ देखी जा सकती है?
बिल्कुल, यह एक प्रेरणादायक फिल्म है जिसे पूरे परिवार और बच्चों के साथ देखा जा सकता है।
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