PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana: सोलर पैनल लगवाकर पाएं मुफ्त बिजली, जानें आवेदन प्रक्रिया

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By H K Singh

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भारत सरकार की PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana न सिर्फ आपके बिजली के बिल को पूरी तरह से खत्म कर सकती है, बल्कि यह आपको अपनी खाली छत से कमाई करने का भी एक सुनहरा मौका देती है। कई लोग वेंडर्स के डर या तकनीकी जानकारी की कमी के कारण खुद से आवेदन करने में हिचकिचाते हैं।

PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana
PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana

हम आपको बताएंगे कि आप बिना किसी वेंडर की मदद के, खुद ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सोलर प्लांट के लिए कैसे आवेदन कर सकते हैं और अपनी सब्सिडी सीधे अपने बैंक खाते में कैसे प्राप्त कर सकते हैं।

PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana क्या है।

भारत सरकार ने एक बड़ी योजना शुरू की है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2024 में पेश किया। इस योजना का मुख्य मकसद है देश के 1 करोड़ घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर उन्हें हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मुहैया कराना।

PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana का मुख्य लाभ

  • बिजली बिल से मुक्ति: यदि आपका मासिक खर्च 300 यूनिट तक है, तो आपका बिजली बिल लगभग शून्य हो सकता है।
  • अतिरिक्त कमाई: यदि आपके सोलर पैनल अधिक बिजली पैदा करते हैं, तो आप उसे सरकार (DISCOM) को बेचकर पैसे भी कमा सकते हैं।
  • सब्सिडी (Subsidy): सरकार सोलर सिस्टम लगाने के खर्च का एक बड़ा हिस्सा खुद वहन करती है।

2. सब्सिडी की जानकारी (Subsidy Structure)

सरकार ने सिस्टम की क्षमता के अनुसार सब्सिडी तय की है:

  • 1 किलोवाट (1 kW): ₹30,000 की सब्सिडी।
  • 2 किलोवाट (2 kW): ₹60,000 की सब्सिडी।
  • 3 किलोवाट या उससे अधिक: अधिकतम ₹78,000 की सब्सिडी।

नोट: यदि आप ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी या रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के लिए कॉमन सुविधाओं (जैसे लिफ्ट या लाइट) के लिए सोलर लगवाते हैं, तो ₹18,000 प्रति किलोवाट की दर से सब्सिडी मिलती है।


3. कौन आवेदन कर सकता है? (Eligibility)

  • आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए।
  • आवेदक के पास अपना खुद का घर होना चाहिए जिसकी छत सोलर पैनल के लिए उपयुक्त हो।
  • घर में एक वैध बिजली कनेक्शन होना अनिवार्य है।
  • आपने पहले कभी सोलर पैनल के लिए कोई सरकारी सब्सिडी न ली हो।
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PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

  • सबसे पहले, आपको आधिकारिक वेबसाइट pmsuryaghar.gov.in पर जाना होगा। वहां ‘Apply for Rooftop Solar’ पर क्लिक करें।
  • लॉगिन प्रक्रिया: अपने उस मोबाइल नंबर का उपयोग करें जो आपके बिजली बिल से जुड़ा हुआ है। कैप्चा कोड डालें और OTP के जरिए अपनी पहचान की पुष्टि करें।
  • प्रोफाइल सेटअप: अपना नाम (बिजली बिल के अनुसार), ईमेल, राज्य, जिला और पिन कोड भरें।
  • कंज्यूमर डिटेल्स: अपनी बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) का चयन करें और अपना ‘Consumer Account Number’ डालें। इसके बाद, आपकी लोड डिटेल्स अपने आप लोड हो जाएंगी।

जरूरी टिप: मोबाइल ऐप या लैपटॉप?

हालांकि आप ‘PM Surya Ghar App‘ का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन लैपटॉप या डेस्कटॉप का उपयोग करना ज्यादा फायदेमंद है। इसका मुख्य कारण यह है कि आप मैप लोकेशन को आसानी से चुन सकते हैं। लैपटॉप पर सैटेलाइट व्यू के जरिए, आप अपने घर की सटीक लोकेशन (Latitude/Longitude) को आसानी से मार्क कर सकते हैं।

ऑनलाइन आवेदन के मुख्य चरण (Step-by-Step)

1. लोकेशन और क्षमता का चयन

मैप पर अपने घर की लोकेशन चुनने के बाद, आपको सोलर प्लांट की क्षमता (Capacity) भरनी होगी। ध्यान रहे कि यह आपके सेंक्शंड लोड के बराबर या उससे कम होनी चाहिए। उदाहरण के लिए, 3 किलोवाट के लिए 3.00 दर्ज करें।

2. दस्तावेज अपलोड करना

आपको पिछले 6 महीनों के भीतर का कोई भी एक बिजली बिल PDF फॉर्मेट में अपलोड करना होगा।

चेतावनी: फॉर्म भरते समय ‘Give up Subsidy’ वाले बॉक्स पर गलती से भी टिक न करें, वरना आपको सब्सिडी नहीं मिलेगी।

3. वेंडर का चुनाव (Vendor Selection)

पोर्टल पर रजिस्टर्ड वेंडर्स की लिस्ट दिखाई देगी। आप अपनी पसंद और रेट के अनुसार वेंडर को शॉर्टलिस्ट कर सकते हैं। वेंडर से पहले ही बात कर लें और रेट फाइनल कर लें।


इंस्टॉलेशन और सब्सिडी का प्रोसेस

एक बार जब वेंडर आपका आवेदन स्वीकार कर लेता है और इंस्टॉलेशन पूरा कर देता है, तो निम्नलिखित प्रक्रिया होती है:

  • वर्क एग्रीमेंट: वेंडर और कंज्यूमर के बीच एक डिजिटल एग्रीमेंट अपलोड किया जाता है।
  • DCR सर्टिफिकेट और इन्वर्टर डिटेल्स: वेंडर सोलर पैनल का DCR सर्टिफिकेट और इन्वर्टर की टेस्ट रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करेगा।
  • डिस्कॉम (DISCOM) की भूमिका: बिजली विभाग आपके घर पर नेट मीटर (Net Meter) या स्मार्ट मीटर लगाएगा।
  • सब्सिडी रिडीम: मीटर लगने के बाद पोर्टल पर ‘Redeem Subsidy’ का बटन आएगा। बैंक विवरण (कैंसिल चेक के साथ) भरें।

नोट: केंद्र सरकार की सब्सिडी (जैसे ₹75,000 तक) आवेदन के 10-15 दिनों के भीतर आ जाती है, जबकि राज्य सरकार की सब्सिडी में 3-4 महीने का समय लग सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. क्या 5kW का इन्वर्टर 3kW के प्लांट में लगाने पर सब्सिडी रुक जाएगी?

नहीं, यह एक भ्रम है। आप अपनी भविष्य की जरूरतों के लिए बड़ा इन्वर्टर लगा सकते हैं, इससे सब्सिडी पर कोई फर्क नहीं पड़ता।

Q2. सब्सिडी आने में कितना समय लगता है?

प्रक्रिया पूरी होने और सब्सिडी रिडीम करने के बाद केंद्र की सब्सिडी लगभग 9 से 15 दिनों के भीतर बैंक खाते में आ जाती है।

Q3. क्या खुद आवेदन करना सुरक्षित है?

हाँ, खुद आवेदन करना पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी है। इससे आप वेंडर्स द्वारा की जाने वाली किसी भी धोखाधड़ी से बच सकते हैं।

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