दिल्ली (नगर निगम) MCD उपचुनाव 2025 के नतीजों की, जिसने सबको चौंका दिया है। दिल्ली में बीजेपी सरकार बनने के बाद यह पहला चुनावी टेस्ट था, और इसमें बीजेपी को बड़ा झटका लगा है, वहीं कांग्रेस ने सालों बाद अपना खाता खोलकर सबको हैरत में डाल दिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपनी सीटें बरकरार रखी हैं।
MCD उपचुनाव 2025: मुख्य आंकड़े

दिल्ली MCD के 12 वार्डों पर उपचुनाव हुए थे, जिनके नतीजे इस प्रकार रहे:
| पार्टी | जीती गई सीटें | पहले की सीटें (12 में से) | फायदे/नुकसान |
| भारतीय जनता पार्टी (BJP) | 7 | 9 | 🔻 2 सीटों का नुकसान |
| आम आदमी पार्टी (AAP) | 3 | 3 | 🟢 सीटें बरकरार |
| भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) | 1 | 0 | ⬆️ पहली बार खाता खुला |
| अन्य (निर्दलीय/ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक) | 1 | 0 | ⬆️ खाता खुला |
| कुल सीटें | 12 | 12 | – |
बड़ी बात: बीजेपी ने भले ही 7 सीटें जीती हैं, लेकिन पहले उसके पास 9 सीटें थीं, यानी 2 सीटों का सीधा नुकसान। वहीं, कांग्रेस ने संगम विहार-ए सीट जीतकर चौंका दिया है।
किस पार्टी ने कहाँ जीती सीट?
- बीजेपी (7): द्वारका-बी, अशोक विहार, ग्रेटर कैलाश, दीचाऊ कला, शालीमार बाग-बी, विनोद नगर, चांदनी चौक।
- आम आदमी पार्टी (3): नरेना, मुंडका और दक्षिणपुरी।
- कांग्रेस (1): संगम विहार-ए (विजेता: सुरेश चौधरी)।
- अन्य (1): चांदनी महल (ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के मोहम्मद इमरान)।
रेखा गुप्ता सरकार का पहला ‘टेस्ट’: क्या कहते हैं नतीजे?
हाल ही में दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने सालों बाद सत्ता में वापसी की और रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री बनीं। उनके नेतृत्व में यह पहला MCD उपचुनाव था, जिसे आगामी बड़े चुनावों से पहले एक ‘पहला टेस्ट’ माना जा रहा है।
नतीजों का विश्लेषण:
- बीजेपी के लिए झटका: विधानसभा चुनाव की ऐतिहासिक जीत के तुरंत बाद MCD उपचुनाव में 2 सीटों का नुकसान होना, बीजेपी के लिए चेतावनी की घंटी जैसा है। यह दिखाता है कि विधानसभा की लहर का असर नगर निगम चुनावों पर पूरी तरह नहीं पड़ा है।
- कांग्रेस की वापसी: विधानसभा चुनाव में जहाँ कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला था, वहीं नगर निगम उपचुनाव में 1 सीट जीतकर उसने राजनीतिक पंडितों को हैरत में डाल दिया। यह दिल्ली की पुरानी पार्टी के लिए नई उम्मीद जगाता है।
- AAP की स्थिरता: AAP ने अपनी तीनों सीटें बरकरार रखी हैं, जो यह दर्शाता है कि उसका कोर वोट बैंक अभी भी मज़बूत है।
MCD में सीटों का बदला समीकरण (कुल 250 सीटें)
उपचुनाव के नतीजों के बाद दिल्ली MCD की कुल सीटों (250) की स्थिति कुछ इस प्रकार हो गई है:
| पार्टी | सीटों की नई संख्या | पहले की सीटें |
| बीजेपी | 123 | 121 |
| आम आदमी पार्टी | 102 | 102 |
| कांग्रेस | 9 | 8 |
| अन्य | 16 | 15 |
| बहुमत का आंकड़ा (MCD) | 126 | – |
निष्कर्ष: बीजेपी अभी भी बहुमत के आंकड़े (126) से 3 सीटें पीछे है, जबकि सबसे बड़ी पार्टी बनी हुई है।
जश्न और बयानबाजी
कांग्रेस के विजेता उम्मीदवार सुरेश चौधरी ने बीजेपी और AAP पर हमला बोलते हुए कहा, “पूरा बीजेपी कैबिनेट यहीं बैठा हुआ था… सिर्फ काम किसी ने किया नहीं। हमने काम के नाम से वोट मांगा है।” यह दिखाता है कि इस चुनाव में स्थानीय काम बनाम घोषणाओं का मुद्दा हावी रहा।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. दिल्ली MCD उपचुनाव 2025 में कितनी सीटों पर वोटिंग हुई थी?
A: दिल्ली नगर निगम के कुल 12 वार्डों पर उपचुनाव हुए थे, जिनके नतीजे 3 दिसंबर को आए।
Q2. उपचुनाव के नतीजे बीजेपी के लिए झटका क्यों माने जा रहे हैं?
A: क्योंकि उपचुनाव से पहले बीजेपी के पास इन 12 सीटों में से 9 सीटें थीं, लेकिन अब केवल 7 सीटें ही रह गई हैं। उन्हें 2 सीटों का नुकसान हुआ है।
Q3. कांग्रेस के लिए इस चुनाव का क्या महत्व है?
A: दिल्ली विधानसभा चुनाव में खाता भी न खोल पाने वाली कांग्रेस ने नगर निगम उपचुनाव में एक सीट जीतकर (संगम विहार-ए) वापसी का संकेत दिया है, जो उसके कार्यकर्ताओं के लिए बड़ा म
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