बिहार में हरियाली और कमाई का डबल फायदा!
बिहार सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और राज्य में हरियाली को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष कृषि वानिकी योजना (Krishi Vaniki Yojana) शुरू की है। यह योजना किसानों को उनके खेतों की मेड़ों (बाउंड्री) पर या खाली पड़ी जमीन पर पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित करती है, जिससे उन्हें भविष्य में अच्छी-खासी अतिरिक्त आमदनी हो सकेगी।
इस योजना के तहत, किसान मात्र ₹10 की सुरक्षित राशि जमा करके पॉपुलर (Poplar) के पौधे प्राप्त कर सकते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि 3 साल बाद, अगर आपके लगाए गए 50% या उससे ज़्यादा पौधे सुरक्षित पाए जाते हैं, तो सरकार आपको प्रति पौधा ₹60 की प्रोत्साहन राशि देगी। यानी, आपका ₹10 का निवेश 3 साल में 6 गुना (₹60) तक का फायदा दिला सकता है!

कृषि वानिकी योजना के मुख्य लाभ और विशेषताएँ
कम लागत, बड़ा मुनाफा: सिर्फ ₹10 में पौधा, जिस पर ₹60 का प्रोत्साहन (बशर्ते 50% पौधे सुरक्षित रहें)।
आय का अतिरिक्त स्रोत: बड़े होने पर इन पेड़ों से भविष्य में लकड़ी बेचकर अच्छी कमाई की जा सकती है।
पर्यावरण लाभ: खेतों में हरियाली बढ़ेगी और किसानों को शुद्ध वातावरण मिलेगा।
अनिवार्य संख्या: योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को कम से कम 100 पौधे लेना अनिवार्य है।
मान्यता प्राप्त क्षेत्र: यह योजना मुख्य रूप से उत्तर बिहार के सभी जिलों के लिए लागू है।
कौन-कौन से पौधे उपलब्ध हैं?
किसान अपनी पसंद और मिट्टी की अनुकूलता के अनुसार वन विभाग की नर्सरी से विभिन्न प्रकार के पौधे खरीद सकते हैं। इनमें शामिल हैं:
- फलदार पौधे: अमरूद, आंवला, नींबू, जामुन, आम, बहेरा।
- कीमती इमारती लकड़ी: शीशम, सागवान (Teak), मोहगनी, नीलगिरी।
- अन्य उपयोगी पौधे: नीम, पीपल, बर, कचनार, कदंब, प्लास।
आवेदन प्रक्रिया और ज़रूरी दस्तावेज़
कृषि वानिकी योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को एक फॉर्म भरकर जमा करना होता है।
ज़रूरी दस्तावेज़
योजना के लिए आवेदन करते समय आपको निम्नलिखित दस्तावेज़ों की आवश्यकता होगी:
- जमीन के कागजात (Land Records)
- आधार कार्ड या वोटर आईडी
- बैंक पासबुक की फोटोकॉपी
- कृषि विभाग द्वारा निर्धारित फॉर्म
पौधा कहाँ मिलेगा और फॉर्म कहाँ जमा करें?
- फॉर्म जमा करना: किसान फॉर्म भरकर अपने नजदीकी वन प्रमंडल कार्यालय (Forest Division Office) या वन परिक्षेत्र कार्यालय (Forest Range Office) में जमा कर सकते हैं।
- पौधे की उपलब्धता: फॉर्म स्वीकार होने के बाद, पौधे आपको वन विभाग की नर्सरी से उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
- अधिक जानकारी: आप अपने स्थानीय वन विभाग कार्यालय से संपर्क करके योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
वृक्षारोपण की तकनीकी जानकारी
योजना के तहत पॉपुलर जैसे पेड़ों को कृषि फसलों के साथ लगाने के लिए विशेष तरीके अपनाए जाते हैं ताकि फसल पर कोई बुरा असर न पड़े:
- रोपण का समय: मुख्य रूप से जून-जुलाई के महीने में।
- दूरी (Spacing): पौधे लगाने की अनुशंसित दूरी $8 \times 8$ मीटर (8 मीटर गुणा 8 मीटर) या $3 \times 4$ मीटर/ $3 \times 3$ मीटर तक भी हो सकती है, जो इस बात पर निर्भर करता है कि आप पूरे खेत में लगा रहे हैं या केवल मेड़ों पर।
- गड्ढे की विधि: 60 x 60 x 60 सेंटीमीटर आकार के गड्ढे अप्रैल-मई में खोदकर 15-20 दिनों के लिए खुला छोड़ा जाता है।
- सिंचाई और खाद: पौधे लगाने के बाद शुरुआत में 8 दिनों के अंतराल पर 3-4 बार सिंचाई करनी होती है। प्रति गड्ढे में सड़ी हुई गोबर की खाद (FMY) डालने की सलाह दी जाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
| प्रश्न (Question) | उत्तर (Answer) |
| कृषि वानिकी योजना क्या है? | यह बिहार सरकार की एक योजना है जो किसानों को ₹10 में पौधे देकर पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित करती है और 3 साल बाद ₹60 प्रति पौधा प्रोत्साहन राशि देती है। |
| एक पौधे की कीमत क्या है? | पॉपुलर के पौधे के लिए किसानों को मात्र ₹10 की सुरक्षित राशि जमा करनी होती है। |
| प्रोत्साहन राशि कितनी मिलती है? | 3 साल बाद 50% या उससे अधिक पौधे सुरक्षित होने पर प्रति पौधा ₹60 की प्रोत्साहन राशि मिलती है। |
| कम से कम कितने पौधे लेने होंगे? | योजना के तहत किसानों को कम से कम 100 पौधे लेना अनिवार्य है। |
| मैं कहाँ आवेदन कर सकता हूँ? | आप फॉर्म भरकर अपने नजदीकी वन प्रमंडल कार्यालय या वन परिक्षेत्र कार्यालय में जमा कर सकते हैं। |
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