कृषि इनपुट अनुदान 2025 -: बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू, जानें पूरी प्रक्रिया
पटना: बिहार में बाढ़ और अत्यधिक बारिश के कारण फसल नुकसान झेलने वाले किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। बिहार सरकार ने कृषि इनपुट अनुदान 2025 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह अनुदान योजना राज्य के 14 जिलों के किसानों को फसल क्षति के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। यदि आप इन जिलों में से किसी से हैं और आपकी फसल को नुकसान हुआ है, तो आप इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस लेख में, हम आपको आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया, पात्रता, और आवश्यक दस्तावेजों के बारे में विस्तार से बताएंगे।
बिहार कृषि इनपुट अनुदान 2025 क्या है?

अधिक बारिश और बाढ़ की वजह से जिन किसानों की फसलें खराब हुई हैं, उन्हें कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत सरकार की तरफ से मुआवजा यानी आर्थिक मदद दी जाएगी।
बिहार कृषि इनपुट अनुदान 2025 पात्रता
- कौन किसान लाभ ले सकते हैं
- फसल नुकसान की शर्तें
- आधार कार्ड, किसान पंजीकरण आदि ज़रूरी शर्तें
पात्र जिले (Bihar Krishi Input Anudan Eligible Districts 2025)
- योजना के तहत घोषित 14 जिले:
नालंदा, भागलपुर, खगड़िया, कटिहार, बेगूसराय, लखीसराय, पटना, भोजपुर, वैशाली, मुंगेर, सारण, समस्तीपुर, मधेपुरा, शेखपुरा - पंचायत स्तर पर पात्रता कैसे चेक करें
बिहार कृषि इनपुट अनुदान 2025 के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
(Documents required for Bihar Krishi Input Anudan 2025)
- किसान पंजीकरण संख्या
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक
- जमीन का कागज़ / खतियान
- मोबाइल नंबर
बिहार कृषि इनपुट अनुदान 2025 ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
(Bihar Krishi Input Anudan Online Apply 2025)
कृषि इनपुट अनुदान के लिए आवेदन करने का तरीका बहुत सरल है, और आप इसे घर बैठे अपने कंप्यूटर या मोबाइल से कर सकते हैं।
- वेबसाइट पर जाएँ: सबसे पहले, आपको बिहार सरकार के DBT (Direct Benefit Transfer) कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट
dbtagriculture.bihar.gov.in
पर जाना होगा। - ऑनलाइन आवेदन चुनें: वेबसाइट के होमपेज पर, “ऑनलाइन सेवाएँ” अनुभाग में “कृषि इनपुट अनुदान खरीफ 2025-26” पर क्लिक करें।
- किसान पंजीकरण संख्या दर्ज करें: अब, “जनरल यूजर” चुनें और अपना 13 अंकों का किसान पंजीकरण संख्या (Kisan Registration Number) दर्ज करें।
- पारिवारिक विवरण भरें: अगले चरण में, आपको अपने परिवार के सदस्यों का विवरण, जैसे नाम और आधार नंबर दर्ज करना होगा। ध्यान दें कि केवल जीवित सदस्यों का ही आधार नंबर लगेगा और उनके आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर सक्रिय होना चाहिए, क्योंकि OTP इसी पर आएगा।
- क्षतिग्रस्त भूमि की जानकारी दें: अब, आपको अपनी कुल कृषि योग्य भूमि का विवरण देना होगा। इसके बाद, किसान का प्रकार (स्वयं भूधारी, वास्तविक खेतिहर, या दोनों) चुनें। फसल का नाम, भूमि का प्रकार (सिंचित/असिंचित), थाना नंबर, खाता संख्या, और खसरा संख्या दर्ज करें। आपको उस रकबे (डिसमिल में) की भी जानकारी देनी होगी जहाँ आपकी फसल को नुकसान हुआ है।
- अनुदान राशि की जाँच करें: सभी जानकारी भरने के बाद, सिस्टम संभावित अनुदान राशि प्रदर्शित करेगा।
- OTP सत्यापन और दस्तावेज अपलोड: अब, सभी बॉक्सों पर टिक करें और “गेट ओटीपी” पर क्लिक करें। आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आए OTP को दर्ज करके सत्यापन करें। अंतिम चरण में, आपको दो महत्वपूर्ण दस्तावेज अपलोड करने होंगे:
- आधार कार्ड
- जमीन का रसीद या LPC (Land Possession Certificate)
अनुदान की राशि और भुगतान प्रक्रिया (Grant amount and payment procedure)
- 22500 रुपए प्रति हेक्टेयर तक का मुआवजा
- बैंक खाते में राशि सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) से जाएगी
7. बिहार कृषि इनपुट अनुदान 2025 हेल्पलाइन और शिकायत निवारण
- हेल्पलाइन नंबर
- किसान संपर्क साधन
- पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1: कृषि इनपुट अनुदान के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
A1: बिहार के वे किसान जिनकी खरीफ फसल को बाढ़ या अत्यधिक बारिश के कारण नुकसान हुआ है और जिनका जिला व पंचायत योजना में शामिल है, वे आवेदन कर सकते हैं।
Q2: आवेदन करने के लिए कौन से दस्तावेज़ आवश्यक हैं?
A2: आवेदन के लिए किसान पंजीकरण संख्या, परिवार के सदस्यों का आधार कार्ड, और अपनी जमीन का रसीद या LPC (लैंड पजेशन सर्टिफिकेट) चाहिए।
Q3: क्या मैं मोबाइल फोन से आवेदन कर सकता हूँ?
A3: हाँ, आप अपने मोबाइल फोन या कंप्यूटर का उपयोग करके DBT कृषि की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
Q4: अगर मेरा पंचायत सूची में नहीं है तो क्या करूँ?
A4: यदि आपका पंचायत अभी तक सूची में नहीं है, तो आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं होगी। आपको बाद में वेबसाइट पर अपडेट की जाँच करनी चाहिए।
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