F1 की दुनिया, उसकी बेतहाशा रफ्तार और जानलेवा रोमांच हमेशा से ही दर्शकों को आकर्षित करते रहे हैं। अब इसी पर आधारित हॉलीवुड मूवी “F1” सिनेमाघरों में आ चुकी है, और यह फिल्म किसी एड्रेनलिन बूस्टर से कम नहीं है। रिव्यू करने वालों की मानें तो इस फिल्म को देखने के बाद आप अपनी नॉर्मल कार को भी फरारी की तरह दौड़ाने का मन बना लेंगे। हमने भी इस फिल्म को देखा है और यकीन मानिए, यह एक ऐसा अनुभव है जो आपको जीवन में एक बार जरूर लेना चाहिए, खासकर IMAX में।
लेकिन, इतनी सारी तारीफों के बावजूद, इस फिल्म में एक बहुत बड़ी कमी है जिसके बारे में कोई बात नहीं कर रहा। आइए इस फिल्म की खूबियों और उस कमी पर विस्तार से बात करते हैं।
F1 की दुनिया में एक रोमांचक सवारी

फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष इसका फर्स्ट हाफ है। जिस तरह से डायरेक्टर ने F1 कार के अंदर, साइड में और हर संभव जगह पर कैमरा लगाकर रेसिंग का अनुभव दिखाया है, वह आपको सीधा ड्राइवर की सीट पर बैठा देता है। आप महसूस करेंगे कि कैसे ये गाड़ियां पलक झपकते ही ट्रैक पर हवा से बात करती हैं। यह सिर्फ एक फिल्म नहीं है, बल्कि एक ऐसा अनुभव है जो आपको फॉर्मूला वन की दुनिया के भीतर ले जाता है। टॉप गन फेम के डायरेक्टर ने एड्रेनलिन रश को बखूबी पकड़ा है और इसे बार-बार दोहराया है। हैंस ज़िमर का शानदार बैकग्राउंड म्यूजिक इस अनुभव को और भी यादगार बना देता है।
फिल्म का प्रोडक्शन वैल्यू इतना हाई लेवल का है कि आप खुद को अमीर महसूस करने लगेंगे, भले ही आप रिक्शे से थिएटर क्यों न आए हों। रेस के दौरान दो कारों के बीच की टक्कर और एक्शन को जिस शानदार तरीके से फिल्माया गया है, वह आपको अपनी सीट से हिलने नहीं देगा।
सबसे बड़ी कमी: F1 फैंस के लिए बनी है ये फिल्म?
फिल्म की सबसे बड़ी कमी, जिसके बारे में कोई बात नहीं कर रहा, वह यह है कि यह नॉन-F1 फैंस को निराश कर सकती है। अगर आप फॉर्मूला वन की रेसिंग स्ट्रेटेजी और नियमों से परिचित नहीं हैं, तो फिल्म का दूसरा हाफ आपको काफी उलझा हुआ लग सकता है। तकनीकी बातें, कौन आगे गया, कौन पीछे, और अचानक से क्लाइमेक्स में आखिरी नंबर पर चल रहा ड्राइवर पहले नंबर पर कैसे आ गया – ये सब चीजें बिना जानकारी के आपके सिर के ऊपर से निकल जाएंगी।
फिल्म के निर्देशक ने कहानी या किरदारों की बैकस्टोरी पर बिल्कुल भी समय बर्बाद नहीं किया है। उनका पूरा फोकस सिर्फ रेसिंग और कार के साथ रोमांस पर है, जो इसे F1 के दीवानों के लिए तो एक बेहतरीन फिल्म बनाता है, लेकिन आम दर्शकों के लिए इसे समझना मुश्किल हो सकता है। मेरी आपसे यही सलाह है कि इस फिल्म को देखने से पहले फॉर्मूला वन के नियमों के बारे में थोड़ी रिसर्च जरूर कर लें।
ब्रैड पिट का दमदार परफॉरमेंस और स्टाइलिश डायरेक्शन
परफॉरमेंस की बात करें तो ब्रैड पिट ने हमेशा की तरह शानदार काम किया है। उनके वन-लाइनर्स और सहज अभिनय फिल्म में जान डाल देते हैं। फिल्म के कैमियो भी देखने लायक हैं, हालांकि अगर आप F1 लीजेंड्स को नहीं जानते तो शायद आपको उतना रोमांच महसूस न हो, जितना थिएटर में मौजूद बाकी दर्शकों को हो रहा था।
फिल्म बेहद स्टाइलिश है। रेसिंग जैकेट से लेकर जूतों और गॉगल्स तक, सब कुछ इतना शानदार है कि यह आपको हॉलीवुड के फैशन स्टेटमेंट से रूबरू कराती है। यह फिल्म हॉलीवुड के लिए एक नई शुरुआत है, क्योंकि “सेना”, “फोर्ड वर्सेस फेरारी” और अब “F1” ने यह साबित कर दिया है कि अगर आप रेसिंग पर अच्छी फिल्म बनाते हैं, तो वह सफल जरूर होगी।
F1 मूवी देखें या नहीं? हमारा फैसला
अंत में, अगर आप एक धमाकेदार, एड्रेनलिन-पंपिंग फिल्म देखना चाहते हैं, तो F1 आपके लिए ही बनी है। भले ही इसमें कुछ तकनीकी खामियां हैं, लेकिन इसे एक बड़े पर्दे पर देखना, खासकर IMAX में, एक अविस्मरणीय अनुभव है। यह एक ऐसी फिल्म है जो आपको बोर बिल्कुल नहीं करेगी। हम इस फिल्म को 10 में से 8.5 की रेटिंग देते हैं। इसे अपने परिवार और दोस्तों के साथ जरूर देखें।
FAQ’s (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1: F1 मूवी के मुख्य कलाकार कौन हैं?
A1: फिल्म में मुख्य भूमिका में हॉलीवुड के सुपरस्टार ब्रैड पिट हैं।
Q2: क्या F1 मूवी में फॉर्मूला वन रेसिंग को समझना आसान है?
A2: यह फिल्म F1 के जानकार लोगों के लिए ज्यादा रोमांचक है। अगर आपको रेसिंग के नियम नहीं पता, तो फिल्म का दूसरा हाफ समझने में मुश्किल हो सकती है।
Q3: क्या इस फिल्म को IMAX में देखना जरूरी है?
A3: जी हाँ, फिल्म का बेहतरीन अनुभव लेने के लिए इसे IMAX में देखना बहुत ही फायदेमंद होगा। रेसिंग के सीन्स IMAX के बड़े पर्दे पर ही असली लगते हैं।
Q4: F1 मूवी के डायरेक्टर कौन हैं?
A4: इस फिल्म का निर्देशन जोसेफ कोसिंस्की ने किया है, जो “टॉप गन: मैवरिक” जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के लिए जाने जाते हैं।
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