एक ऐसा शख्स जिसने हमेशा अपने चेहरे पर मुस्कान बनाए रखी और अपने जीवन के सबसे कठिन समय में भी अपने कहे हर शब्द पर कायम रहा। हम बात कर रहे हैं पेटीएम के सह-संस्थापक और सीईओ Vijay Shekhar Sharma की, जिन्होंने ₹10 की जेब से शुरुआत करके आज 3 अरब डॉलर (लगभग ₹25,000 करोड़) से अधिक की कंपनी खड़ी कर दी है। पेटीएम केवल एक सपना नहीं था, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति का जुनून था जिसने संघर्ष को ही अपनी ताकत बना लिया। Vijay Shekhar Sharma की यह यात्रा आसान नहीं थी, बल्कि यह उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है।
आइए, उनके असाधारण सफर को करीब से जानते हैं कि कैसे उन्होंने अपनी दूरदर्शिता को एक विशाल व्यावसायिक साम्राज्य में बदल दिया।
Vijay Shekhar Sharma की शुरुआती संघर्ष: जब अंग्रेजी बनी चुनौती

Vijay Shekhar Sharma की कहानी उनके शुरुआती दिनों से ही हमें प्रेरित करती है। अलीगढ़ के एक छोटे से कस्बे से आने वाले Vijay Shekhar Sharma ने अपनी शुरुआती शिक्षा पूरी तरह से हिंदी माध्यम में की थी। जब वे 14 साल की उम्र में 12वीं पास करके दिल्ली के इंजीनियरिंग कॉलेज में पहुंचे, तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती अंग्रेजी भाषा थी। वे न तो ठीक से अंग्रेजी बोल पाते थे और न ही समझ पाते थे।
लेकिन, उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने पुरानी किताबें और मैगजीन की मदद से खुद अंग्रेजी सीखना शुरू किया। कॉलेज में जब वे पढ़ाई से पीछे छूट रहे थे, तब उन्होंने अपने खाली समय का इस्तेमाल उद्यमी बनने में करने का फैसला किया। उन्होंने खुद ही कोडिंग सीखी और अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर एक कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम बनाया। जल्द ही उनका यह सिस्टम “द इंडियन एक्सप्रेस” जैसे बड़े मीडिया हाउस द्वारा भी इस्तेमाल किया जाने लगा।
जब सारे रास्ते बंद हुए: दिवालियापन और धोखा
सब कुछ ठीक चल रहा था जब उनकी पहली कंपनी को बड़ा नुकसान हुआ। उनके पार्टनर ने उन्हें धोखा दिया और वे दिवालिया हो गए। एक समय ऐसा आया जब उनके पास ₹10 से भी कम पैसे बचे थे। लेकिन, Vijay Shekhar Sharma आसानी से हार मानने वाले व्यक्ति नहीं थे। उन्होंने अपना गुजारा चलाने के लिए दिल्ली के कश्मीरी गेट में एक हॉस्टल में रहना शुरू किया, कई बार भूखे रहकर काम किया और लंबी दूरी तक पैदल चलकर मीटिंग्स अटेंड कीं।
इस कठिन दौर में भी, उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी। 2005 में, उन्होंने 197 कम्युनिकेशंस नामक अपनी नई कंपनी शुरू की, जो बाद में पेटीएम की मूल कंपनी बनी।
पेटीएम का जन्म: एक अरब डॉलर का जोखिम
वर्ष 2011 में Vijay Shekhar Sharma के जीवन में वह सुनहरा पल आया, जिसने इतिहास रच दिया। उन्होंने अपनी कंपनी के बोर्ड के सामने पेमेंट इकोसिस्टम में कदम रखने का विचार रखा। बोर्ड के सदस्य इस आइडिया से सहमत नहीं थे, क्योंकि उस समय यह एक नया और जोखिम भरा बाजार था। लेकिन, Vijay Shekhar Sharma को अपने विचार पर पूरा भरोसा था।
अपने बोर्ड को मनाने के लिए, उन्होंने अपनी कंपनी में से 1% इक्विटी दांव पर लगा दी, जिसकी कीमत उस समय लगभग 2 मिलियन डॉलर (₹16 करोड़) थी। उनका यह विश्वास ही पेटीएम के पहले स्वरूप का आधार बना। इसके बाद, पेटीएम ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और यह तेजी से भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम का एक बड़ा नाम बन गया।
सफलता के बाद: टीमवर्क और दूरदर्शिता
आज पेटीएम एक अरबों डॉलर की कंपनी है। Vijay Shekhar Sharma मानते हैं कि कंपनी बनाने से ज्यादा मुश्किल उसकी सफलता को बनाए रखना है, और यह सिर्फ बेहतरीन टीम वर्क से ही संभव है। उन्होंने अपनी टीम को 4% इक्विटी भी दी, जिसकी कीमत आज 120 मिलियन डॉलर (लगभग ₹1000 करोड़) है। उनका यह कदम यह दर्शाता है कि वे अपनी टीम की मेहनत और समर्पण को कितना महत्व देते हैं।
उनके जीवन के संघर्षों ने उन्हें इतना मजबूत बनाया है कि वे फिक्शन (काल्पनिक कहानियां) पढ़ना पसंद नहीं करते। उनका मानना है कि एक व्यक्ति अपना भाग्य खुद बनाता है और कड़ी मेहनत और लगन से कोई भी शक्ति आपको अपने लक्ष्य तक पहुंचने से नहीं रोक सकती। Vijay Shekhar Sharma की कहानी उन लाखों युवाओं के लिए एक प्रेरक कहानी है जो अपनी असफलताओं से डरते हैं।
FAQ’s (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1: विजय शेखर शर्मा कौन हैं?
A1: विजय शेखर शर्मा भारत की सबसे बड़ी फिनटेक कंपनियों में से एक पेटीएम के संस्थापक और सीईओ हैं।
Q2: उन्होंने Paytm की शुरुआत कैसे की?
A2: उन्होंने 2011 में अपनी 1% इक्विटी दांव पर लगाकर Paytm का विचार अपने बोर्ड को बेचा और फिर इसकी शुरुआत की।
Q3: Paytm की आज क्या वैल्यू है?
A3: Paytm की मार्केट वैल्यू आज 3 अरब डॉलर से अधिक है।
Q4: उन्होंने अपने कर्मचारियों को क्या दिया?
A4: उन्होंने अपनी टीम को 4% इक्विटी दी, जिसकी कीमत आज लगभग 120 मिलियन डॉलर है।
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