बिहार में भूमि सुधार और राजस्व विभाग एक बड़े बदलाव की ओर अग्रसर है। एक तरफ जहाँ राज्य भर में विशेष बिहार भूमि सर्वेक्षण (Special Land Survey) का काम तेजी से चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने राजस्व महाभियान (Revenue Maha-Abhiyan) की शुरुआत भी कर दी है। इन महत्वपूर्ण अभियानों के बीच, संविदा पर काम कर रहे अमीन कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं। यह स्थिति न केवल सरकारी कामकाज को प्रभावित कर रही है, बल्कि आम जनता के लिए भी परेशानी का कारण बन रही है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह के हवाले से मिली जानकारी के आधार पर इन सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करेंगे और जानेंगे कि सरकार का इस पूरे मामले पर क्या रुख है।
विशेष बिहार भूमि सर्वेक्षण और राजस्व महाभियान: क्या है ताजा अपडेट?

बिहार सरकार के लिए भूमि सर्वेक्षण एक प्राथमिकता वाला कार्य है। सचिव जय सिंह ने बताया कि पहले चरण में लगभग 2.5 करोड़ लोगों से ‘स्व-घोषणा’ प्राप्त की जा चुकी है और अब सर्वेक्षण की टीमें गांवों में जाकर ‘त्रिमाने’ का निर्धारण कर रही हैं। यह प्रक्रिया चुनावी आचार संहिता के दौरान भी जारी रहेगी क्योंकि यह पहले से ही चल रहा एक महत्वपूर्ण कार्य है।
इसी कड़ी में, सरकार ने राजस्व महाभियान की भी शुरुआत की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य भूमि से जुड़े रिकॉर्ड (खासकर जमाबंदी) में मौजूद अशुद्धियों को दूर करना है। सचिव के अनुसार, इसका लक्ष्य 80% डिजिटाइज्ड रिकॉर्ड को शुद्ध करना है ताकि लोगों की जमीन से जुड़ी परेशानियां कम हो सकें।
अमीन संविदा कर्मियों की हड़ताल: जानें विभाग का पक्ष
पिछले कुछ दिनों से, संविदा अमीन कर्मचारी अपनी नौकरी को स्थायी करने, 60 साल तक सेवा देने और वेतन में वृद्धि जैसी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। राजस्व विभाग ने इन मांगों पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है।
सचिव जय सिंह ने कहा कि अमीन कर्मचारियों की तीन प्रमुख मांगें नियोजन की शर्तों के बिल्कुल विपरीत हैं। जब उनकी नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाला गया था, तभी यह स्पष्ट कर दिया गया था कि यह पद संविदा पर आधारित है और इसके नियमितीकरण का कोई दावा नहीं किया जा सकता है। उन्होंने इसे अनुचित बताते हुए कहा कि कर्मचारी नौकरी ज्वाइन करने के एक साल के अंदर ही अपनी शर्तों को बदलने की मांग कर रहे हैं।
विभाग का कहना है कि यह एक योजना-आधारित (Scheme-based) पद है और जब तक भूमि सर्वेक्षण योजना चलेगी, तब तक उनका नियोजन जारी रहेगा। यह हड़ताल राजस्व महाभियान जैसे जनता के हित वाले कार्यक्रम को बाधित करने का एक दुर्भावनापूर्ण प्रयास है। सरकार इस रवैये को बर्दाश्त नहीं करेगी और इन कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।
जनता की परेशानियों पर सरकार के कदम
यह स्वीकार करते हुए कि लोगों को ब्लॉक स्तर पर आवेदन में देरी और अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, सचिव ने बताया कि विभाग इस मामले में बेहद गंभीर है। पिछले एक वर्ष में ही 150 से अधिक अंचल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। सरकार ने अनावश्यक रूप से परेशान करने, आवेदन रद्द करने या विलंब करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। इसके अलावा, लोगों की शिकायतों को दूर करने के लिए विभाग ने एक हेल्पलाइन और एक ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली भी शुरू की है।
FAQ’s (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1: अमीन कर्मचारी हड़ताल पर क्यों हैं?
A1: वे अपनी संविदा नौकरी को स्थायी करने, 60 साल तक सेवा की गारंटी और वेतन में वृद्धि की मांग कर रहे हैं।
Q2: क्या चुनावों के दौरान भूमि सर्वेक्षण जारी रहेगा?
A2: हाँ, यह एक मौजूदा परियोजना है, इसलिए चुनावी आचार संहिता के दौरान भी विशेष भूमि सर्वेक्षण का काम जारी रहेगा।
Q3: राजस्व महाभियान क्या है?
A3: यह एक अभियान है जिसका उद्देश्य भूमि के डिजिटाइज्ड रिकॉर्ड (खासकर जमाबंदी) में मौजूद गलतियों को सुधारना है ताकि आम लोगों की परेशानी दूर हो सके।
Q4: अगर मेरे जमाबंदी रिकॉर्ड में कोई गलती है तो क्या करें?
A4: आप अपनी जमाबंदी में सुधार के लिए राजस्व विभाग के कार्यालय में आवेदन दे सकते हैं। सरकार ने इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए राजस्व महाभियान की शुरुआत भी की है।
महत्वपूर्ण लिंक्स
- आधिकारिक वेबसाइट:बिहार भूमि
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