High blood pressure

आज के समय में खराब लाइफस्टाइल और तनाव के कारण ब्लड प्रेशर (blood pressure) की समस्या तेजी से बढ़ रही है। एक केस स्टडी के अनुसार, भारत में लगभग 30% वयस्क हाई या लो ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं। इनमें से कई लोगों को लंबे समय तक इसका पता ही नहीं चलता, क्योंकि इसे ‘साइलेंट किलर‘ भी कहा जाता है। यानी यह बीमारी बिना किसी बड़े लक्षण के शरीर को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाती रहती है।
High blood pressure के लक्षण और जोखिम
डॉक्टर के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर का सबसे खतरनाक पहलू यह है कि इसके शुरुआती लक्षण अक्सर दिखाई नहीं देते। जब तक लक्षण दिखते हैं, तब तक स्थिति गंभीर हो चुकी होती है। फिर भी, यदि आपको नीचे दिए गए कुछ लक्षण महसूस हों, तो तुरंत अपना ब्लड प्रेशर चेक कराएं:
- बार-बार सिरदर्द होना
- चक्कर या घबराहट महसूस होना
- सीने में दर्द या सांस फूलना
- दिल की धड़कन तेज होना (Palpitation)
- असहजता की सामान्य भावना
अगर हाई बीपी को लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए, तो यह कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है, जैसे स्ट्रोक, हार्ट अटैक, किडनी फेलियर और आंखों से जुड़ी समस्याएं।
हाई बीपी के कारण और लाइफस्टाइल में बदलाव
डॉक्टर बताते हैं कि 90% मामलों में हाई बीपी का कोई स्पष्ट कारण नहीं होता, जिसे ‘एसेंशियल हाइपरटेंशन’ कहते हैं, यानी यह एक तरह का ‘बैड लक’ है। हालांकि, कुछ गलतियां इसे और भी बढ़ा सकती हैं।
- खराब खान-पान: प्रोसेस्ड और जंक फूड में नमक, शुगर और प्रिजर्वेटिव्स अधिक होते हैं, जो बीपी को बढ़ाते हैं।
- व्यायाम की कमी: शारीरिक गतिविधि न होने से वजन बढ़ता है, जो ब्लड प्रेशर का एक बड़ा कारण है।
- तनाव और नींद की कमी: अत्यधिक तनाव और खराब नींद की गुणवत्ता बीपी को नियंत्रित करना मुश्किल बना देती है।
- नशे की आदत: शराब और धूम्रपान करने से भी ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।
बीपी को नियंत्रित करने के लिए आहार और दिनचर्या
डॉक्टर के अनुसार, High blood pressure से बचाव के लिए सबसे जरूरी है अपनी डाइट और लाइफस्टाइल को सुधारना।
- कम नमक और घर का खाना: अपने भोजन में 5 ग्राम से ज्यादा नमक का इस्तेमाल न करें। बाहर के खाने के बजाय घर का बना ताजा और कम तेल-मसाले वाला खाना खाएं।
- हेल्दी विकल्प: अपनी डाइट में फल, सब्जियां, मेवे, और खट्टे फलों को शामिल करें। ये बीपी को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।
- सही समय पर खाएं: रात में सोने से कम से कम 3 घंटे पहले डिनर कर लें और इसे हल्का रखें।
- नियमित व्यायाम: रोजाना 30-45 मिनट तक व्यायाम, योग या गहरी सांस लेने वाले व्यायाम करें।
लो ब्लड प्रेशर: क्या यह हमेशा खतरनाक है?
डॉक्टर के अनुसार, लो ब्लड प्रेशर (90/60 mmHg से कम) अक्सर चिंता का विषय नहीं होता, जब तक कि आपको कोई लक्षण महसूस न हों। यदि आपको चक्कर आना, बेहोशी या थकान जैसे लक्षण महसूस होते हैं, तो इसके पीछे कोई न कोई कारण होता है, जिसे डॉक्टर की जांच से ही पता लगाया जा सकता है। लो बीपी को अक्सर महिलाएं खुद ही मान लेती हैं, जबकि यह एक आम धारणा है। यदि आपको चक्कर नहीं आ रहे हैं, तो लो बीपी दिल के स्वास्थ्य के लिए अच्छा भी हो सकता है।
आपातकालीन स्थिति में क्या करें?
हाई बीपी की स्थिति में: अगर अचानक किसी का बीपी बढ़ जाए और वह पहले से ही हाइपरटेंसिव है, तो चेक करें कि क्या उसने अपनी दवा लेना तो नहीं भूला। उसे शांत रहने और गहरी सांस लेने के लिए कहें, लेकिन तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
लो बीपी की स्थिति में: यदि किसी को लो बीपी के कारण चक्कर आ रहे हैं, तो उसे नमक, चीनी और पानी का घोल या एक कप कॉफी दें। यह एक अस्थायी उपाय है। लो बीपी का कारण जानने के लिए जल्द से जल्द डॉक्टर की सलाह लें।
निष्कर्ष: डॉक्टर की सलाह है कि स्वस्थ रहने के लिए अपनी जीवनशैली को ठीक करें। नियमित ब्लड प्रेशर की जांच कराएं और लक्षणों को नजरअंदाज न करें। स्वस्थ भोजन, पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम से आप ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर समस्या से बच सकते हैं।
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